इन्तज़ार

लौट जाओ तुम्हें कोई अपना प्यार करता होगादेख मेरी तरह आईने से इज़हार करता होगा इक साया सा आता है तेरा जो खफ़ा खफ़ा सा लगता हैजाने तू किस बात का मुझसे ख़ुमार करता होगा ये किस बात का असर मेरी धड़कन तेज़ हो जाती हैआजकल तेरे दिल का काम मेरा दिल लगातार करता होगाContinue reading “इन्तज़ार”

कुछ अनकहा-2

अब थक गया हूं मैं और ख़ुद की वक़ालत नहीं कर सकतामेरे भरोसे मत रह दिल अब मैं तेरी हिफाज़त नहीं कर सकता हुए थे जो मेरे एहसास मैंने बड़े हिफाज़त से सज़ा रखे हैंमैं लिखकर दिखा सकता हूं मग़र बात नहीं कर सकता कहने को कुछ बाकी नहीं छोड़ा हमनें वैसेमैं हर किसी केContinue reading “कुछ अनकहा-2”

नज़र

मेरी आंखों को किसकी नज़र लग गईउसके दिल में भी कोई है हमें ख़बर लग गई इक ज़िंदगी और मिले ऐसी दुआ नहीं चाहिएकैसे उभरे इस ग़म से इसमें ज़िंदगी ज़हर लग गई नूर तक हमें देखने की ख्वाहिशें बहोत थीं मग़रआसमां  में  देखते  रहे  और  सहर  लग  गई आख़िरी जवाब  से हमनें दिल येContinue reading “नज़र”

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